इंटरनेट पर मौजूद मनरेगा का सच

सूचना शिक्षित व अशिक्षित, दोनों को संबल देती है। कई लोगों के लिए इंटरनेट सूचनाओं का सबसे बड़ा कूड़ाघर है। फिर भी कई लोगों के लिए यह कूड़ाघर सशक्तीकरण का स्रोत है। सरकारी गलियारों में सूचना व इंटरनेट एक-दूसरे से अनभिज्ञ होने का खेल खेलते हैं, जो असत्य-सा लगता है। वहीं, आरटीआई के तहत अपनी…

ग्रामीण स्कूल जहां जमीन को कॉपी औऱ आसमान को किताब समझते हैं बच्चे !

महाराष्ट्र का वो जिला जिसके उत्तर में अहमदनगर, पूर्व में अहमदनगर और शोलापुर, दक्षिण में नीरा नदी एवं सतारा और पश्चिम में कोलाबा हैं। उसके पश्चिमी भाग पश्चिमी घाट पहाड़ की वजह से ऊँचा नीची जरूर है, लेकिन पश्चिम में भोर घाट रेल और सड़क का मुख्य द्वार है। ये वही जिला है जहां मई…

दिल्ली चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव में भी दिख सकता है सोशल मीडिया का दम

क्या आप जानते हैं दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत का राज? ‘आप’ वहीं पार्टी है जिसने देश के युवाओं को ही नहीं, दुनिया भर में रह रहे भारतीय युवाओं को भी अपना दिवाना बना दिया है। और ये सब हुआ सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया की वजह से। क्योंकि आम…

उन्नत कृषि और खुशहाली के लिए किसानों को बनना होगा एग्रोप्रेन्योर!

आजादी के बाद किसानों की एक बड़ी आस थी कि अब उनके दिन सुधर जाएंगें। जो कुछ किसानों के पास था अपना पुराने खेती के औजार, पुरानी खेती के तौर तरीके, पुराने देशी नस्ल के गाय- बैल, भैंस, बकरी, सादगी से भरपूर रहन-सहन और आपसी भाई-चारा। क्या उमंग, क्या जोश था। गांवों की आबो-हवा, तालाब,…

नए जमाने का मीडिया-‘कॉम्यूनिटी रेडियो’ की शक्ति को पहचानने की जरूरत

आज भारत में जहां एक तरफ एंटरटेंनमेंट मीडिया हर साल तरक्की की नई नई ऊंचाईंयां छू रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ एक बड़ी आबादी कॉम्यूनिटी रेडियो यानी सामुदायिक रेडियो के नाम से भी परिचित नहीं है। हालांकि इसकी वजहें कई हो सकती हैं। एक तो कॉम्यूनिटी रेडियो का दायरा बेहद छोटा होना और दूसरे…

डेंगू पर काबू के लिए तकनीक के साथ-साथ जागरुकता जरूरी

किसी ज़माने में मलेरिया बेहद खतरनाक बीमारी मानी जाती थी। जिसकी वजह से करीब 3 साल पहले यानी साल 2010 में दुनिया भर में 6 लाख 60 हज़ार लोगों की मौत हुई थी। लेकिन, आज नई तकनीक और दवाओं की खोज के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता के चलते मलेरिया का खौफ लोगों के मन से निकल…