अब गांव की मिट्टी में भी घुलेंगे अंग्रेजी के ‘बोल’

यूं तो अकसर छोटे शहरों और गांवों में अंग्रेजी को लोग नजरंदाज कर देते हैं, जिसकी वजह से वह न शुद्ध अंग्रेजी बोल सकते हैं न वो लिख सकते हैं। आधुनिक भारत में अहम मौकों से महरूम होने की ये भी एक अहम वजह है। आज हमारे समाज में विशेष शैक्षिक संस्थानों तक किसी शख्स…

चुनाव के बहाने ही सही, नई तकनीक से रूबरू हो रहे हैं गांववाले

जहां देश भर में लोकसभा चुनाव की सर्गरमी तेज है, वहीं दूसरी तरफ घोषणाओं और वादों का पिटारा भी खुल चुका है।  लेकिन, हर बार की तरह इस बार भी किसी में विकास की कोई छटपटाहट नहीं है। अगर, इस चुनाव में कुछ नया है तो वो है सूचना और तकनीक का भरपूर इस्तेमाल। 9…

अल्पसंख्यकों के लिए जरूरी डिजिटल साक्षरता

समावेशी लोकतंत्र वही है, जो न सिर्फ अल्पसंख्यकों को राजनीतिक रूप से अपने भरोसे में लेने का दावा करता है और उनका यकीन जीतता है, बल्कि वह बदलाव में सक्षम नए कार्यक्रमों की योजना बनाता है और उनको लागू भी करता है। और ये नए कार्यक्रम यथार्थपरक व स्थायी होते हैं। ऐसे उपाय या कार्यक्रम…